NSE ने F&O के अन्तर्गत आने वाले 42 शेयरों का लॉट साइज घटा दिया है जबकि 06 शेयरों के लॉट साईज में बढोत्तरी की है, यह नया रुल 26 अप्रैल से लागू हो जायेगा ।

भारत की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एजेंसी (NSE) ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में किये जाने वाले ट्रेडिंग के लॉट साइजों में बदलाव का निर्णय लिया है । यह नये नियम, नये वित्तीय वर्ष यानी की 26 अप्रैल 2024 से लागू हो जायेंगें । NSE द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, 182 डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट वाले शेयरों में से 54 इंडिविजुअल शेयरों के लॉट साइज में बदलाव किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 54 स्टॉकों में से 42 शेयरों के लॉट साइज में कमी की गई है। वहीं, 6 शेयरों के लॉट साइज में वृध्दि की गयी है । जबकि 128 शेयरों के लॉट साइज में कोई बदलाव नहीं किये गये है।
ऐसे मिलेगा लाभ – अभी तक जिन 42 शेयरों के लॉट साइज में कमी की गई है। उनके स्टॉको के लॉट साईज काफी बडे होते थे जिनके कारण स्टॉक के बढने-घटने से पोर्टफोलियों में काफी ज्यादा अंतर आ जाता था । छोटे ट्रेडरों बडे लॉट साईज वाले स्टॉको में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने में कतराते थे । जबकि छोटे लॉट साईज वालों फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने वालों की संख्यायों मे लगातार इजाफा हो रहा है ।
दूसरा सबसे प्रमुख कारण है कि बडे लॉट साईज के स्टॉको में छोटे ट्रेडर्स की दिलचस्पी न होनें से ऐसे स्टॅाको में बडे मूवमेंट जल्दी देखने को नही मिल पाते है । निश्चित रुप से NSE द्वारा जारी सर्कुलर से छोटे – बडे ट्रेडरों को इसका लाभ मिलेगा । अब कम निवेश में भी इन 42 स्टॉकों के लॉट साईज लेकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग कर पायेंगे।
आईये इन 42 शेयरों की सूची पर नजर डालते है जिनमें NSE द्वारा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस के लिये लॉट साईज में में कमी की गयी है –
[table id=1 /]
06 शेयरों की सूची जिनके लॉट साईज में वृध्दि की गयी है –
NSE द्वाारा जारी नये सर्कुलर के अनुसार 06 शेयरों के लॉट साईज में वृध्दि कर दी है, जिससे अब ट्रेडरों को नीचे दी गयी कंपनियों के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने के लिये अधिक कीमत चुकानी पडेगी ।
[table id=2 /]
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (FUTURE & OPTION) क्या होता है ! इसमें ट्रेडिंग कैसे करें –
FUTURE (वायदा अनुबंध) – यह एक भविष्य की तारीख पर पूर्वानुमान पर बाजार में निर्धारित मूल्य पर अंतर्निहित सौदे को खरीदने या बेचने के लिए दो पक्षों के बीच मानवीकृत समझौते हैं। वायदा अनुबंधों का कारोबार संगठित एक्सचेंजों पर किया जाता है और ये अत्यधिक विनियमित होते हैं। इस सौदे में दोनों पक्ष बाजार की आगामी संभावनाओं में अपने लाभो और हितो को ध्यान में रखकर एक समझौता करते है । इस अनुबंध में भविष्य में होने वाले लाभ -हानि सौदे के डिमांग एंड सप्लाई पर निर्धारित होते है । इसमें High Risk & Reward के अनुसार प्रतिफल निर्धारित होता है ।
OPTION (विकल्प अनुबंध) – ऑप्शन एक निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूर्व निर्धारित मूल्य पर अंतर्निहित सौदे को खरीदने (CALL विकल्प) या बेचने (PUT विकल्प) का अधिकार प्रदान करते हैं, लेकिन दायित्व नहीं। विकल्प बहुमुखी वित्तीय उपकरण हैं जो हेजिंग, सट्टेबाजी और आय सृजन की क्षमता प्रदान करते हैं। इसमें भी FUTURE की तरह High Risk & Reward के अनुसार प्रतिफल निर्धारित होता है । FUTURE & OPTION के बारे मे डिटेल से जानने के लिये यहॉ पर Click करें ।

