भारतीय शेयर बाजार में अभी चलता है T + 1 सेटलमेंट । T + 0 सेटलमेंट 28 तारीख से इसका बीटा वर्जन होगा लागू ! फॉरेन पोर्टफोलियों इन्वेस्टर्स को भी SEBI ने दी छूट ।

भारतीय शेयर बाजार रेगुलेटर अथॉरिटी SEBI (सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने T + 0 सेटलमेंट के बीटा वर्जन को लागू करने की मंजूरी दे दी है, जो 28 मार्च 2024 से लागू हो जायेगा ।
SEBI द्वारा शुक्रवार 15 तारीख को संपन्न बोर्ड मीटिंग में अपने निर्णय में वैकल्पिक आधार पर T + 0 निपटान हेतु बीटा वर्जन को लॉन्च करने की मंजूरी दे दी है। सेबी ने अपने बयान में कहा कि लंबी अवधि से चली आ रही शेयर धारकों की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड ने 25 शेयरों के सीमित सेट के लिए और ब्रोकरों के सीमित सेट के साथ वैकल्पिक T + 0 निपटान हेतु बीटा वर्जन को लॉन्च किया जा रहा है। सेबी, बीटा वर्जन के उपयोगकर्ताओं को परामर्श करना जारी रखेगा।
SEBI की 06 महीने के प्रगति समीक्षा पर रहेगी नजर- सेबी द्वारा इस क्रियान्वयन की तारीख से 3 से 6 महीने के अंत में प्रगति की समीक्षा करेगा, और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। यह फार्मूला से निश्चित रुप से शेयर बाजार मे निवेशको और ट्रेडरो को इसका लाभ मिलेगा यदि हितधारको की यह सेटलमेंट पसंद आता है तो इसे आगे बढाते हुये पूर्ण रुप से लागू कर दिया जायेगा । फिलहाल अभी T+0 साइकल T+1 के साथ एक विकल्प के रूप में कार्य करेंगा ।
अभी लागू है T + 1 सेटलमेंट – भारतीय शेयर बाजार में अभी तक T+1 सेटलमेंट साइकल पर काम कर रहा था अर्थात शेयरधारक एवं ट्रेडर्स द्वारा किये जाने वाला ट्रेडस् एक ही दिन में सेटलमेंट होगा । SEBI द्वारा T+1 साईकल 2021 में कई चरणों में लागू किया गया, अंतिम चरण जनवरी 2023 में पूरा हो गया था। जिसे शेयर बाजार के हितधारकों को सुविधाओं को ध्यान में रखते हुये T+0 निपटान चक्र अब T+1 चक्र के साथ एक विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इसका सबसे बडा लाभ छोटे निपटान चक्रों से शेयर बाज़ार में तरलता बढेगी जिससे बाजार में जोखिम की संभावना कम होगी ।
दो फेज में लागू होगा T + 0 सेटलमेंट – सेबी ने T + 0 सेटलमेंट फिलहाल दो फेजो में लागू करने का निर्णय लिया है । पहले फेज में सेम-डे सेटलमेंट लागू होगा अर्थात शेयर खरीदने वालो को उसी दिन शेयर अलॉट और बेचने वालों को उसी दिन उनका फंड मिल जायेगा । यदि इस फेज की टाईम की बात करे तो यदि आप ट्रेडिंग- डे पर दोपहर 1:30 बजे तक ट्रेडिंग करते है, तो शाम 4:30 बजे तक आपके ट्रेड का सेटलमेंट हो जायेगा । SEBI द्वारा यह निर्णय निवेशको और ट्रेडरों की सुरक्षा एवं लाभ को ध्यान में रखते हुये लिया गया है।
यही अगर हम दूसरे फेज की बात करे तो यह साइकल दोपहर 3:30 बजे तक किये गये समस्त लेन-देनों के लिये एक ऑप्शनल इमीडिऐट Trade By Trade सेटलमेट की सुविधा उपलब्ध होगी ।

FPI (फॉरेन पोर्टफोलियों इन्वेस्टर्स) को मिली छूट – SEBI द्वारा ट्रेड करने को सरल बनाने के लिये ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत जिस फॉरेन पोर्टफोलियों इन्वेस्टर्स अर्थात् एफपीआई भारतीय शेयर परिसंपत्तियों का 50 प्रतिशत से अधिक कार्पोरेट में है, उनके लिये एडिशनल डिस्क्लोजर में छूट दी गयी है । जिसमें किसी पहचाने गए प्रमोटर के साथ मूल कंपनी में इसकी हिस्सेदारी को छोड़कर।
IPO लाने के नियमों में बदलाव को मंजूरी – SEBI ने आईपीओ लाने से जुडे नियमों में कई बदलावों को भी मंजूरी दी है । आईपीओ के इश्यू साईज का एक प्रतिशत सिक्योंरिटी डिपॉजिट रखने की शर्त को अब हटा दिया गया है । साथ ही मिनिमम प्रमोटर Contribution तय करने के नियम में भी छूट दे दी गई है, जिसमें बिना प्रमोटर टैग के प्रमोटर Contribution का मौका मिलेगा । इश्यू साईज घटने या बढने पर DRHP री-फाईलिंग में भी छूट की मंजूरी दी गई है ।

0 Comment